Friday, October 21, 2011

हँसता हूँ खुद पे...

हँसता हूँ खुद पे कभी मैं, 

तो रोता हूँ कभी दीवानों की तरह!

साथ चलने का तूने वादा तो निभाया,

पर दरिया के दो किनारों की तरह!!

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