Monday, November 17, 2025

तनहाइयों ने घेरा था...

 तनहाइयों ने घेरा था,

उनके ख़याल सता रहे।

डूब ही जाता शायद मैं,

पर यार पुराने, हंसा गये।।

Thursday, February 15, 2024

बंसी की मीठी तान सुनी...

बंसी की मीठी तान सुनी,
मन तितलियों के पीछे भागा।
नैनों के जुगनू भी देखे,
तेरी उस मुस्कान ने बांधा।।
सपन तुम्हारे संग देखे,
टिमटिम तारों को भी ताका,
उस दिन से मैं रहा न खुद का,
बांधा जब से प्रेम का धागा।।

Tuesday, March 14, 2023

इतना भी मुश्किल नहीं...

 इतना भी मुश्किल नही समझना,

जज़्बातों की बारीकियों को।

बस नज़रों से नापना छोड़िये,

दिल की नज़दीकियों को।।

Thursday, May 6, 2021

गर सियाह अंधेरे हैं...

गर सियाह अंधेरे हैं,

तो उजली रातें भी होंगी।

आज तपिश का जो मौसम है,

कल यक़ीनन बरसातें भी होंगी।


हाथ जो खाली खाली हैं,

मुट्ठी में फिर सौगातें भी होंगी।

माना के आज तनहाइयाँ हैं,

कल यारों की जमातें भी होंगी।।


तूफान में हाथ थामा है किसी ने,

कुछ जानों की सलामती इस नाते भी होंगी।।

आपस में बस बातें करते रहो दोस्तों,

जल्द ही अपनी मुलाक़ातें भी होंगी।।


~ आनंद मोहन श्रीवास्तव


Monday, April 26, 2021

बस थोड़ी देर और ठहर।।

 ये काली रात गुज़रने को है

बस थोड़ी देर और ठहर।

सूरज बस निकलने को है,

बस थोड़ी देर और ठहर।।


माना के राह कठिन थी,

छाले भी पड़े पांवों में।

थक के तू चूर हुआ,

कांटे मिले छावों में।

सफर ये अब सिमटने को है,

बस थोड़ी देर और ठहर।।


प्यास से सूख गए अधर,

भूख से व्याकुल शरीर हुआ।

बाणों की शय्या बना यह काल,

समय अभेद्य प्राचीर हुआ।

गंगाजल बस निकलने को है,

बस थोड़ी देर और ठहर।।


~ आनंद मोहन श्रीवास्तव

Thursday, July 9, 2020

पहन के रखिये मास्क ||

मन में यदि ठान लो, नहीं कठिन कोई टास्क |
डॉक्टर कह के थक गए, पहन के रखिये मास्क ||

पहन के रखिये मास्क, बची रहेगी काया |
वरना अंतिम यात्रा ले जाएगा, कोई कर्मी पराया ||

समझ फिर भी न आए जो , छोटी सी यह बात |
सोचो बाद तुम्हारे देगा कौन, छोटे बच्चों  का साथ ||

कोरोना का वायरस, है बड़ा हठी |
हाथ जोड़ विनती  है - सावधानी हटी, दुर्घटना  घटी ||


Saturday, January 9, 2016

नगमे गूंगे हो गए...

नगमे गूंगे हो गए मेरे,          
हर ग़ज़ल बेआवाज़ हो गयी।  
नींदें भी चली गयीं आँखों से,
जब से तेरी झलक,
बन्द पलकों की मोहताज हो गयी।