Thursday, February 15, 2024

बंसी की मीठी तान सुनी...

बंसी की मीठी तान सुनी,
मन तितलियों के पीछे भागा।
नैनों के जुगनू भी देखे,
तेरी उस मुस्कान ने बांधा।।
सपन तुम्हारे संग देखे,
टिमटिम तारों को भी ताका,
उस दिन से मैं रहा न खुद का,
बांधा जब से प्रेम का धागा।।

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